बुधवार, 28 जनवरी 2026

हरि ॐ कीर्तन-ध्यान - बुरी आदतें मिटाने और भाग्य बदलने का अचूक उपाय

 

टाइम-स्टैम्प इंडेक्स (सत्संग विषयानुसार):

0:02 – (दोहा/भक्ति-उपदेश) जिन हरिकथा को कानों से नहीं सुना और जिनकी जिह्वा ने राम-गुणगान नहीं किया, उनकी इंद्रियों की निष्फलता का वर्णन
0:12 – (उपदेश/दृष्टांत) भगवान नाम का कीर्तन न करने वाली जिह्वा की मेंढक से तुलना
0:22 – (उपदेश/दृष्टांत) भगवत कथा न सुनने वाले कानों की सर्प-बिल से तुलना
0:31 – (व्रत-महिमा/उपदेश) एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा जैसे पर्वों पर जप का सौ गुना फल
0:37 – (जप-फल गणना/उपदेश) जप संख्या और एकाग्रता का महत्व, एक करोड़ जप का तात्त्विक अर्थ
0:46 – (अनुभव-लक्षण) जप सिद्धि के संकेत – स्वप्न में भगवान, गुरु, देव दर्शन
0:54 – (साधना-निर्देश) एकाग्र जप की महत्ता, इधर-उधर न देखने की साधना
0:57 – (प्राणायाम सहित जप-विधि) श्वास-प्रश्वास रोककर जप करने की विधि
1:08 – (ध्यान-विधि) ललाट में मंत्र दर्शन की भावना और भाग्य निर्माण
1:12 – (उपदेश) पापक्षय, नरक-भय से मुक्ति और भगवत प्राप्ति का आश्वासन
1:28 – (भावना-साधना) ललाट में मंत्र लिखित देखने से भाग्य रेखाओं का परिवर्तन
1:40 – (अनुभूति-फल) भक्ति की दृढ़ता और भगवद् आनंद का प्राकट्य
1:42 – (जप-महिमा) जप से होने वाले चमत्कारी लाभों का वर्णन
1:48 – (नियम/अनुशासन) प्रतिदिन 10 माला जप और अवकाश के दिन अधिक जप की सलाह
1:55 – (जप से ध्यान की ओर) माला छोड़कर ध्यान में प्रवेश की विधि
1:58 – (प्रार्थना-भाव) भगवान से भक्ति-रस और प्रीति की याचना
2:06 – (चंचलता-निवारण विधि) जप की तीव्र, मध्यम और प्लुत गति का क्रम
2:19 – (मंत्र-विज्ञान) ह्रस्व जप से पापनाशिनी ऊर्जा का वर्णन
2:30 – (मंत्र-विज्ञान) दीर्घ जप से सफलता-दायिनी ऊर्जा की प्राप्ति
2:38 – (मंत्र-विज्ञान/अनुभूति) प्लुत जप से भगवत सत्ता में विश्रांति और सद्गुणों से संबंध
2:49 – (कीर्तन/जप संचालन) “हरि ओम” सामूहिक जप का प्रारंभ और निरंतरता

कीर्तन ----------------------

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