सोमवार, 25 अगस्त 2025

मंगलवारी (अंगारकी ) चतुर्थी महिमा | Importance of Mangalwari (Angarika) Chaturthi |

   

मंगलवारी (अंगारकी ) चतुर्थी महिमा | Importance of Mangalwari (Angarika) Chaturthi |

   सत्संग -  

     जैसे सूर्य ग्रहण को दस लाख गुना फल होता है वैसे ही मंगलवारी चतुर्थी को होता है | बहुत मुश्किल से ऐसा योग आता है | इसको अंगारक चतुर्थी भी कहते हैं | मत्स्य पुराण , नारद पुराण  आदि शास्त्र में इसकी भरी महिमा है | इस दिन छुट्टी ले लो तो और अच्छा है| गौ झरण से छोटा सा कमरा साफ़ करके गौ चंदन अगरबत्ती जलाकर इस दिन जप , मौन और ध्यान में रहो | आप संसारी मजदूरी करके जो जो नहीं पा रहे हैं वह सब आपके लिए आसान हो जायेगा भगवद प्राप्ति आसान  होजाएगी| इस दिन अगर कोई जप , दान , ध्यान , संयम करता है तो वह दस लाख गुना प्रभावशाली होता है , ऐसा वेद व्यासजी ने कहा है |वेद व्यासजी का वचन सारगर्भित माना जाता है |

        सूर्यग्रहण में किया हुआ जप तप दस लाख गुना माना जाता है | सोमवती अमावस्या , रविवार की सप्तमी , मंगलवार की चतुर्थी ……. और मंगलवार की चतुर्थी जब आती है इसकी एक विशेषता होती है , अंगारक चतुर्थी है यह | यह अंगारक चतुर्थी कभी कभार आती है|

         तो मंगल की चतुर्थी में मैं तो चाहूँगा आप सारे काम धंधे से फारक होकर (छुट्टी लेकर) मंगल की चतुर्थी को अपना एक कमरा (फिनाइल की अपेक्षा) गौ झरण से साफ सुथरा करके,  यह न हो तो गंगा जल का प्रयोग करें| और गाय के गोबर से या गौ-चन्दन अगरबत्ती से कमरे को सात्विक बना दीजिये और जप करें| कुटुंब के लोग करें या एक आदमी करे| जप ध्यान करोगे तो वह जप, ध्यान , मौन शास्त्र-अध्ययन …. आरोग्य का जप करोगे तो आरोग्य जप सिद्धि हो जाएगी| एका-एक कोई मुसीबत को वापस भेजने वाला मन्त्र का जप करोगे तो एका-एक आई मुसीबत वापस भी भेज सकते हैं या जिसने भेजी है उसको सौगात भी भेज सकते हैं, जय राम जी की|

        रोना नहीं आए तो झूठ मूठ  का रोना कि  — प्रभु तुम्हारी प्रीती दे दो, दंभ से बचाओ, इर्ष्या से बचाओ, अभिमान से बचाओ, असत्य से बचाओ, जीभ की लोलुपता से बचाओ, व्यर्थ की बकवास से बचाओ, व्यर्थ के झाँका-झाँकी  से बचाओ, व्यर्थ की हस्त चांचल्य (नाक खोदना , तिनका तोड़ना आदि, यह नीच मन की पहचान है ) से बचाओ , बिन जरुरी बोलते रहेंगे -नहीं इस व्यर्थ की शक्तियों को सार्थक में लगाने का संकल्प करके मंगलवार के चतुर्थी के दिन को महा मंगलमय बना लेना|



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